पुरानी बनाम नई प्रावधानें (CrPC बनाम BNSS, 2023) एवं उनकी प्रयोज्यता 📌 सामान्य जमानत (Regular Bail) ▪️ कब लागू होती है: गिरफ्तारी के बाद, जब अभियुक्त हिरासत में होता है। ▪️ पुराना कानून: सीआरपीसी की धारा 437–439। ▪️ नया कानून: बीएनएसएस की धारा 480–482। ▪️ विशेष: मूल सिद्धांत यथावत हैं, केवल प्रक्रियात्मक ढांचा पुनर्गठित किया गया है। 📌 पूर्व-जमानत (Anticipatory Bail) ▪️ कब लागू होती है: गिरफ्तारी से पहले, जब अभियुक्त को गिरफ्तारी का भय होता है। ▪️ पुराना कानून: सीआरपीसी की धारा 438। ▪️ नया कानून: बीएनएसएस की धारा 482(2)। ▪️ विशेष: यह उपाय पूर्ण रूप से बरकरार है; न्यायिक स्थिरता भी बनी रहती है। 📌 अंतरिम जमानत (Interim Bail) ▪️ कब लागू होती है: अंतिम जमानत सुनवाई तक अस्थायी सुरक्षा के लिए। ▪️ पुराना कानून: स्पष्ट रूप से प्रदान नहीं; न्यायिक व्याख्या से विकसित। ▪️ नया कानून: बीएनएसएस की धारा 480/482 के अंतर्गत संयोजित जमानत संरचना द्वारा मान्यता प्राप्त। ▪️ विशेष: बीएनएसएस में प्रक्रियात्मक स्पष्टता बढ़ी है और मनमाने अभ्यासों में कमी आई है। 📌 डिफॉल्ट (वैधानिक) जमानत (Default/Stat...
यह जनहित याचिका (PIL) मुन्नी लाल हरि शरण द्वारा दायर की गई है, जिसमें उत्तरप्रदेश के झांसी की रकबा संख्या 243 (0.543 हे.) पर हुए अवैध कब्जे को हटाने की मांग की गई है। यह भूमि राजस्व अभिलेख में सार्वजनिक रास्ते के रूप में दर्ज है। याचिका की प्रमुख मांगें 1. अवैध अतिक्रमण हटाकर भूमि को सार्वजनिक उपयोग हेतु बहाल किया जाए। 2. संबंधित लेखपाल एवं कानूनगो पर झूठी रिपोर्ट देने हेतु विभागीय कार्यवाही की जाए। 3. जिलाधिकारी द्वारा याचिकाकर्ता के आवेदन पर कार्यवाही कराई जाए। न्यायालय की टिप्पणी न्यायालय ने कहा कि यदि ग्रामसभा की भूमि पर कब्जा होता है, तो भूमि प्रबंध समिति (भूमि प्रबंधक समिति - Bhumi Prabandhak Samiti) को तत्काल तहसीलदार को सूचित करना चाहिए। संविधान और उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 के अनुसार यह समिति ग्रामसभा की संपत्ति की संरक्षक होती है। कानून का संदर्भ - धारा 67 (राजस्व संहिता, 2006): अवैध कब्जा, क्षति या दुरुपयोग की स्थिति में कार्यवाही का प्रावधान। - नियम 66, 67 (राजस्व नियम, 2016): आर.सी. प्रपत्र 19, 20, 21 के माध्यम से कब्ज...